वीडियो बैकग्राउंड ब्लर कैसे करें और बिना ग्रीन स्क्रीन बैकग्राउंड कैसे बदलें
बैकग्राउंड के चार विकल्प, फ़ोन पर बिना ग्रीन स्क्रीन बैकग्राउंड बदलने का तरीका, बालों और किनारों को साफ़ रखने के टिप्स, और सही फ़ोटो चुनने का नियम।
इस गाइड में
वीडियो बैकग्राउंड ब्लर करने या बदलने के लिए अब ग्रीन स्क्रीन ज़रूरी नहीं है। फ़ोन हर फ़्रेम में पहचानता है कि आप कहाँ हैं और बैकग्राउंड कहाँ है, फिर पीछे के हिस्से को धुंधला कर देता है या उसकी जगह स्टूडियो जैसा बैकड्रॉप या आपकी अपनी फ़ोटो लगा देता है। अच्छा नतीजा पाने के लिए दो बातें सबसे ज़रूरी हैं: चेहरे पर सामने से अच्छी रोशनी और आपके व बैकग्राउंड के बीच साफ़ फ़र्क।
बैकग्राउंड इतना मायने क्यों रखता है
दर्शक आपकी बात सुनने से पहले आपका कमरा देखता है। बिखरे कपड़े, टेढ़ी लटकी तस्वीर या पीछे से गुज़रता कोई व्यक्ति, सब ध्यान खींचते हैं। दूसरी तरफ़ साफ़ और सोचा-समझा बैकग्राउंड बताता है कि आपने तैयारी की है।
बिज़नेस वीडियो में बैकग्राउंड आपकी पहचान का हिस्सा भी बनता है। हर वीडियो में एक जैसा बैकग्राउंड हो तो दर्शक पहले फ़्रेम से पहचान लेता है कि यह आपका वीडियो है।
एक और वजह है निजता। घर से रिकॉर्ड करते समय पीछे परिवार की तस्वीरें, बच्चों का कमरा, कैलेंडर पर लिखे नोट्स या खिड़की से दिखती गली भी वीडियो में आ जाती है। वीडियो सार्वजनिक हो तो यह सब हर कोई देख सकता है। ब्लर या बदला हुआ बैकग्राउंड इन चीज़ों को बिना कमरा बदले छिपा देता है।
बैकग्राउंड के 4 विकल्प
| विकल्प | किसके लिए अच्छा | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| असली, सजा हुआ बैकग्राउंड | व्लॉग, दुकान, वर्कशॉप, घर से बनने वाले वीडियो | कमरा साफ़ रखना पड़ता है |
| ब्लर | किसी भी कमरे में जल्दी का वीडियो, निजता | ज़्यादा ब्लर नकली लग सकता है |
| स्टूडियो बैकड्रॉप | ट्यूटोरियल, कोर्स, औपचारिक संदेश | हर बार एक जैसा, सादा लुक |
| अपनी फ़ोटो | दुकान, ब्रांड, ऑफ़िस या कोई खास जगह | फ़ोटो की रोशनी आपसे मिलनी चाहिए |
कोई एक विकल्प "सबसे अच्छा" नहीं है। जो वीडियो के मकसद और आपकी जगह से मेल खाए, वही चुनें।
असली बैकग्राउंड को कैमरे लायक बनाएँ
अगर कमरा थोड़ा ठीक किया जा सके, तो असली बैकग्राउंड सबसे स्वाभाविक लगता है:
- दीवार से दूरी: दीवार से कम से कम एक-दो कदम आगे बैठें। इससे बैकग्राउंड थोड़ा धुंधला होता है और दीवार पर आपकी छाया नहीं पड़ती।
- कम चीज़ें: एक पौधा, किताबों की एक शेल्फ़ या आपके काम से जुड़ी एक-दो चीज़ें काफ़ी हैं।
- गहराई: सपाट दीवार की जगह कमरे का कोना दिखाएँ, जिससे फ़्रेम में गहराई आती है।
- बचें: शीशा, चलता टीवी, पीछे की खिड़की और चमकती ट्यूबलाइट।
बिना ग्रीन स्क्रीन बैकग्राउंड कैसे बदलता है
ग्रीन स्क्रीन वाला तरीका एक रंग को पहचानकर हटाता है। फ़ोन वाला तरीका, जिसे पर्सन सेगमेंटेशन कहते हैं, हर फ़्रेम में इंसान का आकार पहचानता है: सिर, बाल, कंधे और हाथ। फिर एक "मास्क" बनता है, और मास्क के बाहर वाले हिस्से को धुंधला किया जाता है या बदल दिया जाता है।
Cameratel में यह काम फ़ोन पर ही होता है और लाइव दिखता है, यानी रिकॉर्ड करने से पहले ही आप नतीजा देख लेते हैं। बैकग्राउंड में तीन विकल्प हैं: ब्लर, स्टूडियो बैकड्रॉप और आपकी अपनी फ़ोटो। वीडियो किसी सर्वर पर अपलोड नहीं होता।
किनारे साफ़ रखने के टिप्स
बदले हुए बैकग्राउंड में सबसे बड़ी चुनौती किनारे होते हैं, खासकर बाल और उँगलियाँ। ये उपाय मदद करते हैं:
- चेहरे पर अच्छी रोशनी: आप जितना साफ़ दिखेंगे, फ़ोन आपको उतना अच्छे से अलग कर पाएगा। रोशनी के बारे में घर पर वीडियो के लिए लाइटिंग पढ़ें।
- कंट्रास्ट: काले बाल और गहरी दीवार, या सफ़ेद कपड़े और सफ़ेद दीवार, दोनों से बचें। आपके और बैकग्राउंड के रंग में फ़र्क हो।
- बाल समेटें: बहुत खुले, उड़ते बाल किनारों को धुंधला करते हैं। हल्का-सा समेटना काफ़ी है।
- हाथ चेहरे के पास न लाएँ: तेज़ी से हिलती उँगलियाँ कभी-कभी आधी गायब हो जाती हैं। इशारे शरीर के सामने और थोड़े धीमे रखें।
- ऊँची कुर्सी की पीठ से बचें: कुर्सी का ऊपरी हिस्सा कभी-कभी आपका हिस्सा समझा जाता है। सादी, नीची पीठ वाली कुर्सी लें।
अपनी फ़ोटो चुनें जो आपकी रोशनी से मेल खाए
बैकग्राउंड में अपनी दुकान या ऑफ़िस की फ़ोटो लगाना अच्छा विचार है, बस फ़ोटो सोच-समझकर चुनें:
- रोशनी की दिशा: अगर आपके चेहरे पर रोशनी बाईं तरफ़ से आ रही है, तो फ़ोटो में भी रोशनी बाईं ओर से हो।
- रंग: पीले बल्ब में बैठे हैं तो गरम रंग वाली फ़ोटो, खिड़की की रोशनी में हैं तो दिन की फ़ोटो।
- ऊँचाई: फ़ोटो लगभग आँखों की ऊँचाई से ली गई हो, नीचे या ऊपर से नहीं।
- खाली जगह: फ़ोटो में लोग या पढ़ा जा सकने वाला टेक्स्ट न हो; वे आपसे ध्यान खींचेंगे।
- फ़ॉर्मैट: वर्टिकल वीडियो के लिए वर्टिकल फ़ोटो, हॉरिज़ॉन्टल के लिए हॉरिज़ॉन्टल।
ग्रीन स्क्रीन कब अब भी बेहतर है
फ़ोन वाला तरीका ज़्यादातर बोलने वाले वीडियो के लिए काफ़ी है। फिर भी ग्रीन स्क्रीन तब बेहतर है जब:
- आप पूरे शरीर के साथ डांस या तेज़ हरकत रिकॉर्ड कर रहे हों।
- बहुत बारीक किनारे चाहिए हों, जैसे खुले घुँघराले बाल या पारदर्शी दुपट्टा।
- बाद में एडिटिंग सॉफ़्टवेयर में बैकग्राउंड पर अलग से काम करना हो।
- कैमरा हिल रहा हो और बैकग्राउंड को उसके साथ चलाना हो।
कौन-सा विकल्प कब
- रोज़ का Reels अपडेट: असली बैकग्राउंड या हल्का ब्लर।
- ऑनलाइन क्लास या कोर्स: स्टूडियो बैकड्रॉप, ताकि हर लेसन एक जैसा दिखे।
- दुकान या ब्रांड का वीडियो: अपनी दुकान की फ़ोटो।
- वीडियो रिज़्यूमे: सादी दीवार या स्टूडियो बैकड्रॉप।
फ़्रेम और बैकग्राउंड को साथ में कैसे जमाएँ, यह टॉकिंग हेड वीडियो के टिप्स में है, और दुकान के लिए वीडियो की पूरी योजना छोटे बिज़नेस के लिए वीडियो मार्केटिंग में। बैकग्राउंड, लुक और बाकी कैमरा सुविधाएँ Cameratel टेलीप्रॉम्प्टर कैमरा वाले पेज पर हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बिना ग्रीन स्क्रीन के वीडियो का बैकग्राउंड बदला जा सकता है?
हाँ। फ़ोन पर चलने वाला पर्सन सेगमेंटेशन हर फ़्रेम में आपको बैकग्राउंड से अलग करता है, फिर पीछे का हिस्सा ब्लर या किसी दूसरी तस्वीर से बदल देता है। अच्छी रोशनी में नतीजा सबसे साफ़ आता है।
बैकग्राउंड बदलने पर बालों के किनारे अजीब क्यों दिखते हैं?
खुले या बिखरे बाल बैकग्राउंड में घुल-मिल जाते हैं, खासकर जब बाल और दीवार का रंग मिलता-जुलता हो। चेहरे पर सामने से अच्छी रोशनी और आपके व बैकग्राउंड के बीच साफ़ कंट्रास्ट से किनारे बेहतर होते हैं।
बैकग्राउंड ब्लर और पोर्ट्रेट मोड में क्या फ़र्क है?
दोनों का मकसद एक है: आप साफ़ दिखें और पीछे का हिस्सा धुंधला। पोर्ट्रेट मोड फ़ोन के अपने कैमरा ऐप की सुविधा है; बैकग्राउंड ब्लर वाले ऐप में आप उसी रिकॉर्डिंग में स्क्रिप्ट, कैप्शन जैसी दूसरी सुविधाएँ भी साथ इस्तेमाल कर सकते हैं।